ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 15सूक्त 1111.3अथर्ववेद 11.3यदे॑न॒माह॒ व्रात्य॒ क्वाऽवात्सी॒रिति॑ प॒थ ए॒व तेन॑ देव॒याना॒नव॑ रुन्द्धे ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय