ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 15सूक्त 11.5अथर्ववेद 1.5स दे॒वाना॑मी॒शां पर्यै॒त् स ईशा॑नोऽभवत् ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय