ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 12सूक्त 55.61अथर्ववेद 5.61त्वया॒ प्रमू॑र्णं मृदि॒तम॒ग्निर्द॑हतु दु॒श्चित॑म् ॥६१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय