ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 12सूक्त 55.60अथर्ववेद 5.60अघ्न्ये॒ प्र शिरो॑ जहि ब्रह्म॒ज्यस्य॑ कृ॒ताग॑सो देवपी॒योर॑रा॒धसः॑ ॥६०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय