ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 12सूक्त 55.55अथर्ववेद 5.55क्षु॒रप॑विर्मृ॒त्युर्भू॒त्वा वि धा॑व॒ त्वम् ॥५५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय