ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 12सूक्त 55.54अथर्ववेद 5.54ओष॑न्ती स॒मोष॑न्ती॒ ब्रह्म॑णो॒ वज्रः॑ ॥५४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय