अथर्ववेद 1.32
मा नः॑ प॒श्चान्मा पु॒रस्ता॑न्नुदिष्ठा॒ मोत्त॒राद॑ध॒रादु॒त।
स्व॒स्ति भू॑मे नो भव॒ मा वि॑दन् परिप॒न्थिनो॒ वरी॑यो यावया व॒धम् ॥३२॥
मा नः॑ प॒श्चान्मा पु॒रस्ता॑न्नुदिष्ठा॒ मोत्त॒राद॑ध॒रादु॒त।
स्व॒स्ति भू॑मे नो भव॒ मा वि॑दन् परिप॒न्थिनो॒ वरी॑यो यावया व॒धम् ॥३२॥