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अथर्ववेद 9.19

प्रब्ली॑नो मृदि॒तः श॑यां ह॒तो॒३मित्रो॑ न्यर्बुदे ।
अ॒ग्नि॒जि॒ह्वा धू॑मशि॒खा जय॑न्तीर्यन्तु॒ सेन॑या ॥१९॥

पूरा अध्याय