ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 11सूक्त 99.18अथर्ववेद 9.18उद् वे॑पय॒ त्वम॑र्बुदे॒ऽमित्रा॑णाम॒मूः सिचः॑ । जयां॑श्च जि॒ष्णुश्चा॒मित्रां॒ जय॑ता॒मिन्द्र॑मेदिनौ ॥१८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय