Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन) 4.37

या ते॒ धामा॑नि ह॒विषा॒ यज॑न्ति॒ ता ते॒ विश्वा॑ परि॒भूर॑स्तु य॒ज्ञम् ।
ग॒य॒स्फ़ान॑ः प्र॒तर॑णः सु॒वीरोऽवी॑रहा॒ प्र च॑रा सोम॒ दुर्या॑न् ॥३७॥

पूरा अध्याय