शुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन) 39.13
य॒माय॒ स्वाहा ऽन्त॑काय॒ स्वाहा॑ मृ॒त्यवे॒ स्वाहा॒ ब्रह्म॑णे॒ स्वाहा॑ ब्रह्मह॒त्यायै॒ स्वाहा॒ विश्वे॑भ्यो दे॒वेभ्य॒ः स्वाहा॒ द्यावा॑पृथि॒वीभ्या॒ᳪ स्वाहा॑ ॥१३॥
य॒माय॒ स्वाहा ऽन्त॑काय॒ स्वाहा॑ मृ॒त्यवे॒ स्वाहा॒ ब्रह्म॑णे॒ स्वाहा॑ ब्रह्मह॒त्यायै॒ स्वाहा॒ विश्वे॑भ्यो दे॒वेभ्य॒ः स्वाहा॒ द्यावा॑पृथि॒वीभ्या॒ᳪ स्वाहा॑ ॥१३॥