ग्रंथशुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन)अध्याय 3333.96शुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन) 33.96प्र व॒ इन्द्रा॑य बृह॒ते मरु॑तो॒ ब्रह्मा॑र्चत । वृ॒त्रᳪ ह॑नति वृत्र॒हा श॒तक्र॑तु॒र्वज्रे॑ण श॒तप॑र्वणा ॥९६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय