ग्रंथशुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन)अध्याय 2626.17शुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन) 26.17स न॒ इन्द्रा॑य॒ यज्य॑वे॒ वरु॑णाय म॒रुद्भ्य॑ः । व॒रि॒वो॒वित्परि॑ स्रव ॥१७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय