ग्रंथशुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन)अध्याय 2323.30शुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन) 23.30यद्ध॑रि॒णो यव॒मत्ति॒ न पु॒ष्टं प॒शु मन्य॑ते । शू॒द्रा यदर्य॑जारा॒ न पोषा॑य धनायति ॥३०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय