Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन) 22.18

अजी॑जनो॒ हि प॑वमान॒ सूर्यं॑ वि॒धारे॒ शक्म॑ना॒ पय॑ः । गोजी॑रया॒ रᳪह॑माण॒ः पुर॑न्ध्या ॥१८॥

पूरा अध्याय