ग्रंथशुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन)अध्याय 2020.74शुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन) 20.74ता नास॑त्या सु॒पेश॑सा॒ हिर॑ण्यवर्तनी॒ नरा॑ । सर॑स्वती ह॒विष्म॒तीन्द्र॒ कर्म॑सु नोऽवत ॥७४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय