Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन) 20.60

क॒व॒ष्यो न॒ व्यच॑स्वतीर॒श्विभ्यां॒ न दुरो॒ दिश॑ः । इन्द्रो॒ न रोद॑सी उ॒भे दु॒हे का॒मान्त्सर॑स्वती ॥६०॥

पूरा अध्याय