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शुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन) 19.94

सर॑स्वती॒ योन्यां॒ गर्भ॑म॒न्तर॒श्विभ्यां॒ पत्नी॒ सुकृ॑तं बिभर्ति ।
अ॒पाᳪ रसे॑न॒ वरु॑णो॒ न साम्नेन्द्र॑ᳪ श्रि॒यै ज॒नय॑न्न॒प्सु राजा॑ ॥९४॥

पूरा अध्याय