Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन) 16.53

स॒हस्रा॑णि सहस्र॒शो बा॒ह्वोस्तव॑ हे॒तय॑ः । तासा॒मीशा॑नो भगवः परा॒चीना॒ मुखा॑ कृधि ॥५३॥

पूरा अध्याय