Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन) 13.21

या श॒तेन॑ प्रत॒नोषि॑ स॒हस्रे॑ण वि॒रोह॑सि । तस्या॑स्ते देवीष्टके वि॒धेम॑ ह॒विषा॑ व॒यम् ॥२१॥

पूरा अध्याय