Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन) 12.107

पा॒व॒कव॑र्चाः शु॒क्रव॑र्चा॒ अनू॑नवर्चा॒ उदि॑यर्षि भा॒नुना॑ ।
पु॒त्रो मा॒तरा॑ वि॒चर॒न्नुपा॑वसि पृ॒णक्षि॒ रोद॑सी उ॒भे ॥१०७॥

पूरा अध्याय