ग्रंथशुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन)अध्याय 1111.50शुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन) 11.50आपो॒ हि ष्ठा म॑यो॒भुव॒स्ता न॑ ऊ॒र्जे द॑धातन । म॒हे रणा॑य॒ चक्ष॑से ॥५०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय