ग्रंथशुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन)अध्याय 1111.40शुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन) 11.40सुजा॑तो॒ ज्योति॑षा स॒ह शर्म॒ वरू॑थ॒माऽस॑द॒त्स्व॑ः । वासो॑ अग्ने वि॒श्वरू॑प॒ᳪ सं व्य॑यस्व विभावसो ॥४०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय