Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (माध्यन्दिन) 10.2

वृष्ण॑ ऊ॒र्मिर॑सि राष्ट्र॒दा रा॒ष्ट्रं मे॑ देहि॒ स्वाहा॒ वृष्ण॑ ऊ॒र्मिर॑सि राष्ट्र॒दा रा॒ष्ट्रम॒मुष्मै॑ देहि
वृ॑षसे॒नो॒ऽसि राष्ट्र॒दा रा॒ष्ट्रं मे॑ देहि॒ स्वाहा॑ वृषसे॒नो॒ऽसि राष्ट्र॒दा रा॒ष्ट्रम॒मुष्मै॑ देहि ॥२॥

पूरा अध्याय