Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 9.18

सु॒गा वो॑ देवाः॒ सद॑ना अकर्म॒ य आ॑ज॒ग्मेदᳪ सव॑नं जुषा॒णाः ।
भर॑माणा॒ वह॑माना ह॒वीᳪष्य॒स्मे ध॑त्त वसवो॒ वसू॑नि ॥४॥

पूरा अध्याय