Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 6.80

दिवं॑ ते धू॒मो ग॑च्छ॒त्व॒न्तरि॑क्षं॒ ज्योतिः॑ । पृथि॒वीं भस्म॒नापृ॑ण॒ स्वाहा॑ ॥२॥

पूरा अध्याय