Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 6.24

वात॑स्य त्वा॒ ध्राज्यै॑ पू॒ष्णो रᳪह्या॑ ऊ॒ष्मणो॑ व्यथिषत् । प्रयु॑तं॒ द्वेषः॑ ॥२॥

पूरा अध्याय