ग्रंथशुक्ल यजुर्वेद (काण्व)अध्याय 44.6शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 4.6आ वो॑ देवास ईमहे वा॒मं प्र॑य॒त्य॑ध्व॒रे । आ वो॑ देवास आ॒शिषो॑ य॒ज्ञिया॑सो हवामहे ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय