ग्रंथशुक्ल यजुर्वेद (काण्व)अध्याय 3636.4शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 36.4कया॑ नश्चि॒त्र आ भु॑वदू॒ती स॒दावृ॑धः॒ सखा॑ । कया॒ शचि॑ष्ठया वृ॒ता ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय