ग्रंथशुक्ल यजुर्वेद (काण्व)अध्याय 3535.51शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 35.51परी॒मे गाम॑नेषत॒ पर्य॒ग्निम॑हृषत । दे॒वेष्व॑क्रत॒ श्रवः॒ क इ॒माँ२ आ द॑धर्षति ॥१७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय