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शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 33.32

तद्विप्रा॑सो विप॒न्यवो॑ जागृ॒वाᳪसः॒ समि॑न्धते । विष्णो॒र्यत्प॑र॒मं प॒दम् ॥७॥

पूरा अध्याय