Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 33.22

उ॒भा पि॑बतमश्विनो॒भा नः॒ शर्म॑ यच्छतम् । अ॒वि॒द्रि॒याभि॑रू॒तिभिः॑ ॥२२॥

पूरा अध्याय