ग्रंथशुक्ल यजुर्वेद (काण्व)अध्याय 33.73शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 3.73स॒वि॒त्रा प्रसू॑ता॒ दैव्य॒ आप॑ उ॑दन्तु ते त॒नूम्। दी॒र्घा॒यु॒त्वाय॒ वर्चसे ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय