ग्रंथशुक्ल यजुर्वेद (काण्व)अध्याय 2525.57शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 25.57क ई॑मरे पिशङ्गि॒ला क ईं॑ कुरु पिशङ्गि॒ला । क ई॑मा॒ स्कन्द॑मर्षति॒ क ईं॒ पन्थां॒ वि स॑र्पति ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय