Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 25.32

यद्ध॑रि॒णो यव॒मत्ति॒ न पु॒ष्टं प॒शु मन्य॑ते ।
शू॒द्रा यदर्य॑जारा॒ न पोषा॑य धनायति ॥१०॥

पूरा अध्याय