Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 22.45

क॒व॒ष्यो॑ न॒ व्यच॑स्वतीर॒श्विभ्यां॒ न दुरो॒ दिशः॑ ।
इन्द्रो॒ न रोद॑सी उ॒भे दु॒हे कामा॒न्त्सर॑स्वती ॥६॥

पूरा अध्याय