Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 21.24

पय॑सो रू॒पं यद्यवा॑ द॒ध्नो रू॒पं क॒र्कन्धू॑नि ।
सोम॑स्य रू॒पं वाजि॑नᳪ सौ॒म्यस्य॑ रू॒पमा॒मिक्षा॑ ॥१२॥

पूरा अध्याय