ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 9999.6वाल्मीकि रामायण 99.6एवं समाप्य यज्ञं तु विधिवत्स तु राघवः । ततो विसृज्य तान्सर्वान्रामो राजीवलोचनः ।। ७.९९.६ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय