ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 8989.23वाल्मीकि रामायण 89.23ततः सा नवमे मासि इला सोमसुतात्सुतम् । जनयामास सुश्रोणी पुरूरवसमूर्जितम् ।। ७.८९.२३ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय