Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 87.22

ईशे वराणां वरदे लोकानामसि भामिनी ।
अमोघदर्शने देवी भज सौम्येन चक्षुषा ।। ७.८७.२२ ॥

पूरा अध्याय