ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 8484.4वाल्मीकि रामायण 84.4पुरा किल महाबाहो देवासुरसमागमे । वृत्रो नाम महानासीद्दैतेयो लोकसम्मतः ।। ७.८४.४ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय