ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 7979.14वाल्मीकि रामायण 79.14तेषामवरजस्तात सर्वेषां रघुनन्दन । मूढश्चाकृतविद्यश्च न शुश्रूषति पूर्वजान् ।। ७.७९.१४ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय