ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 7878.26वाल्मीकि रामायण 78.26सर्वान्कामान्प्रयच्छामि भोगांश्च मुनिपुङ्गव । तारणे भगवन्मह्यं प्रसादं कर्तुमर्हसि ।। ७.७८.२६ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय