ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 7777.1वाल्मीकि रामायण 77.1पुरा त्रेतायुगे राम बभूव बहुविस्तरम् । समन्ताद्योजनशतं विमृगं पक्षिवर्जितम् ।। ७.७७.१ ॥अगलापूरा अध्याय