ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 7474.9वाल्मीकि रामायण 74.9पुरा कृतयुगे राजन्ब्राह्मणा वै तपस्विनः । अब्राह्मणस्तदा राजन्न तपस्वी कथञ्चन ।। ७.७४.९ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय