ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 7272.6वाल्मीकि रामायण 72.6सो ऽभिवाद्य मुनिश्रेष्ठं रथमारुह्य सुप्रभम् । अयोध्यामगमत्तूर्णं राघवोत्सुकदर्शनः ।। ७.७२.६ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय