ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 7272.14वाल्मीकि रामायण 72.14नावसीदन्ति राजानो विप्रवासेषु राघव । प्रजा नः परिपाल्या हि क्षत्रधर्मेण राघव ।। ७.७२.१४ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय