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वाल्मीकि रामायण 65.29

ततः क्रुद्धस्तु सौदासस्तोयं जग्राह पाणिना ।
वसिष्ठं शप्तुमारेभे भार्या चैनमवारयत् ।। ७.६५.२९ ॥

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