ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 6262.11वाल्मीकि रामायण 62.11शत्रुघ्नस्त्वब्रवीद्वाक्यं प्रणिपत्य नराधिपम् । कृतकर्मा महाबाहुर्मध्यमो रघुनन्दनः ।। ७.६२.११ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय