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वाल्मीकि रामायण 60.18

त्वया पुनर्ब्राह्मणगौरवादियं कृता प्रतिज्ञा ह्यनवेक्ष्य कारणम् ।
ततश्च कर्ता ह्यसि नात्र संशयो महाभयात्त्रातुमृषींस्त्वमर्हसि ।। ७.६०.१८ ।।

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